मोतिहारी में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर ठगी, 90 से अधिक युवक मुक्त कराए गए

मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।

मोतिहारी में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर ठगी, 90 से अधिक युवक मुक्त कराए गए

पूर्वी चंपारण के रक्सौल के बाद अब मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने एक आलीशान इमारत में छिपाकर रखे गए 90 से अधिक युवकों को सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए मुक्त कराया।

छतौनी थानाध्यक्ष सुनील कुमार को जब इस रैकेट की जानकारी मिली तो तुरंत एक संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई। लगभग छह घंटे चले इस ऑपरेशन में सदर डीएसपी दिलीप कुमार, साइबर डीएसपी अभिनव पराशर और कई थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने हिस्सा लिया।

गिरोह युवकों को नेटवर्क मार्केटिंग और नौकरी के नाम पर पश्चिम बंगाल व असम से बुलाता था। हर युवक से 25-25 हजार रुपये ऐंठे जाते थे और फिर उन्हें बंद कमरों में हाउस अरेस्ट करके मानसिक और आर्थिक शोषण किया जाता था। युवकों को मजबूर किया जाता था कि वे और लोगों को भी इसी नेटवर्क से जोड़ें।

इस बार कंपनी ने अपना नाम बदलकर ठगी को अंजाम दिया, जबकि कुछ महीने पहले रक्सौल में भी इसी तरह की एक DBR कंपनी द्वारा 350 से अधिक युवकों से धोखाधड़ी की गई थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के 10 से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।

साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि यह सिर्फ ठगी नहीं बल्कि एक साइबर अपराध भी है। पूरे मामले की जांच साइबर एंगल से भी की जा रही है।

मुक्त कराए गए पीड़ित युवकों ने बताया कि उन्हें रोजगार का लालच देकर यहां बुलाया गया था। लेकिन आने के बाद उन्हें धोखे से बंद कर दिया गया और दिन-रात काम करने के लिए मजबूर किया गया।