प्रधानमंत्री मोदी आज मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के तहत मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव और ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी आज मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी आज मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 में होंगे शामिल

शाम चार बजे मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को करेंगे संबोधित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बुधवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, वह शाम करीब चार बजे इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 (India Maritime Week 2025) के अंतर्गत आयोजित मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे।

यह आयोजन भारत के तेजी से उभरते समुद्री क्षेत्र और ब्लू इकोनॉमी को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम का पूरा विवरण अपने एक्स (X) हैंडल पर साझा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम’ की अध्यक्षता

पीएमओ द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी आज के कार्यक्रम में ‘ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम’ (Global Maritime CEO Forum) की भी अध्यक्षता करेंगे।
यह फोरम दुनिया भर की समुद्री कंपनियों, निवेशकों, नीति निर्माताओं, नवप्रवर्तकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां वे वैश्विक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे।

फोरम का उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार, बंदरगाह विकास और हरित नौवहन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका दिलाना है। पीएम मोदी इस दौरान भारत के लिए नए सस्टेनेबल मैरीटाइम विजन की रूपरेखा भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

‘समुद्री अमृत काल विजन 2047’ से जुड़ा यह आयोजन

पीएमओ के मुताबिक, यह पूरा आयोजन ‘समुद्री अमृत काल विजन 2047’ (Maritime Amrit Kaal Vision 2047) के अनुरूप है।
यह दीर्घकालिक दृष्टिकोण भारत को एक समृद्ध, टिकाऊ और तकनीकी रूप से उन्नत समुद्री शक्ति बनाने की दिशा में केंद्रित है।

बयान में कहा गया है कि इस विजन के चार प्रमुख स्तंभ हैं —

  1. बंदरगाह आधारित विकास (Port-led Development)

  2. नौवहन और जहाज निर्माण (Shipping and Shipbuilding)

  3. निर्बाध आपूर्ति शृंखला (Seamless Supply Chain)

  4. समुद्री कौशल निर्माण (Maritime Skill Development)

इन चार स्तंभों पर आधारित रणनीति का उद्देश्य भारत को दुनिया की अग्रणी समुद्री अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है।

सतत समुद्री विकास और हरित नौवहन पर जोर

इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान सतत समुद्री विकास (Sustainable Maritime Growth), हरित नौवहन (Green Shipping), और लचीली आपूर्ति शृंखला (Resilient Supply Chain) जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।
यह कार्यक्रम नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) की अवधारणा को मजबूत करने के लिए एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में इस बात की संभावना है कि वह भारत के समुद्री क्षेत्र में निवेश, रोजगार और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए नए कदमों की घोषणा करें।

वैश्विक समुद्री उद्योग में भारत की बढ़ती भूमिका

भारत वर्तमान में वैश्विक शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है।
विश्व बैंक और यूएनसीटीएडी के अनुसार, भारत का समुद्री व्यापार वैश्विक माल परिवहन का लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा संभालता है।

सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया में समुद्री कनेक्टिविटी, बंदरगाह दक्षता और हरित तकनीक के मामले में शीर्ष देशों में शामिल हो। इस दिशा में सागरमाला परियोजना, नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, और ग्रीन पोर्ट इनिशिएटिव्स जैसी योजनाएँ पहले से लागू हैं।

मुंबई में सुरक्षा और तैयारियाँ पूरी

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को देखते हुए मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
मुंबई पुलिस, कोस्ट गार्ड, और नेवी के अधिकारी इस आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
साथ ही, मैरीटाइम वीक के दौरान कई तकनीकी प्रदर्शनी और बिजनेस-टू-बिजनेस मीटिंग्स भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें दुनिया भर की 200 से अधिक समुद्री कंपनियाँ भाग ले रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह दौरा भारत के समुद्री क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के केंद्र में लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। ‘इंडिया मैरीटाइम वीक 2025’ और ‘ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम’ के ज़रिए भारत न केवल हरित और सतत समुद्री विकास का नेतृत्व करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभाने की ओर अग्रसर होगा।