स्वतंत्रता दिवस पर सागर जेल से 14 बंदियों को मिली रिहाई, आत्मनिर्भरता की राह पर कदम

स्वतंत्रता दिवस पर सागर केंद्रीय जेल से 14 बंदियों को विशेष माफी नीति के तहत रिहा किया गया। जेल में मिले प्रशिक्षण से वे अब आत्मनिर्भर बनकर नई जिंदगी शुरू करेंगे।

स्वतंत्रता दिवस पर सागर जेल से 14 बंदियों को मिली रिहाई, आत्मनिर्भरता की राह पर कदम

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर सागर केंद्रीय जेल से 14 बंदियों को नई जिंदगी की ओर कदम बढ़ाने का अवसर मिला। इनमें 13 पुरुष और एक महिला बंदी शामिल रहे। यह रिहाई मध्यप्रदेश शासन की 27 मई 2025 को लागू विशेष माफी नीति के अंतर्गत की गई। इस नीति में दुष्कर्म, पॉक्सो और गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों को शामिल नहीं किया गया है।

जेल अधीक्षक मानेन्द्र सिंह परिहार ने जानकारी दी कि रिहा किए गए बंदियों को जेल में रहते हुए आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। इनमें टेलरिंग, कारपेंटरी, लोहारी और निर्माण कार्य जैसे कौशल शामिल हैं। उद्देश्य यह है कि रिहा होने के बाद ये बंदी समाज में पुनः अपराध न करें और सम्मानजनक तरीके से जीवनयापन कर सकें।

बंदियों से अपील की गई कि वे बाहर आकर परिवार की जिम्मेदारी निभाएं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।

राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि अब साल में पांच अवसरों पर पात्रतानुसार बंदियों की रिहाई होगी। ये अवसर हैं – गणतंत्र दिवस, अंबेडकर जयंती, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस।

इस पहल से न केवल बंदियों को दूसरा अवसर मिलेगा बल्कि समाज में सुधार और पुनर्वास की दिशा में सकारात्मक संदेश भी जाएगा।