Sonipat News: गेहूं कटाई के सीजन में बढ़ रहे चर्म रोगी

गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह (बीपीएस) राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में चर्म रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। गेहूं की कटाई के चलते त्वचा की एलर्जी की समस्या बढ़ रही है।

Sonipat News: गेहूं कटाई के सीजन में बढ़ रहे चर्म रोगी

गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह (बीपीएस) राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में चर्म रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। गेहूं की कटाई के चलते त्वचा की एलर्जी की समस्या बढ़ रही है।

गोहाना। गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह (बीपीएस) राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में चर्म रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। गेहूं की कटाई के चलते त्वचा की एलर्जी की समस्या बढ़ रही है। प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आ रहे हैं। पहले 150 मरीज पहुंचते थे। चर्म रोग विशेषज्ञ की तरफ से मरीजों को फसल कटाई के सीजन में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. उषा कटारिया का कहना है कि मौसम शुष्क होने के साथ तेज हवा से धूल-मिट्टी उड़ रही है। गेहूं की कटाई का कार्य जोरों पर है। इससे चर्म रोग और एलर्जी के मामलों में बढ़ोतरी होने लगती है। इससे त्वचा में चकत्ते पड़ना, खुजली, लाल दाने निकलने के साथ त्वचा शुष्क होने से दाद होने का खतरा रहता है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एलर्जी और दाद की समस्या से संबंधित मरीज काफी आ रहे हैं। फसल कटाई के दौरान धूल-मिट्टी लगे हुए कपड़े ज्यादा देर तक पहनने, भूसा व धूल कण त्वचा पर जमने, पसीना ज्यादा देर तक शरीर पर रहने के कारण त्वचा रोग को बढ़ते है।

यह बरतें सावधानी

फसल कटाई के दौरान मुंह, सिर और कान ढंककर रखें ताकि धूल-मिट्टी का असर कम हो, फसल कटाई के दौरान पहने बाद में बदल लें, शरीर में पसीना सूखने के बाद नहाएं, नहाने के बाद त्वचा पर नारियल या सरसों का तेल लगाएं, त्वचा पर चकत्ते, दाने निकलने या दाद दिखने पर चर्म रोग विशेषज्ञ से जरूर संपर्क करें। ज्यादा पानी पीएं, तरल पदार्थों का सेवन करने के साथ विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करें।