योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर प्रहार: “गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के दीपोत्सव पर दिए बयान को बचकाना और अविवेकी बताया। उन्होंने कहा कि गद्दी विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं।

योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर प्रहार: “गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया है। अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए योगी ने अखिलेश के बयान को “बचकाना और अविवेकी” करार दिया। उन्होंने कहा, “गद्दी तो विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीपोत्सव जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विरोध करते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अखिलेश यादव ने 2017 से पहले मिट्टी से जुड़े कुम्हारों की पीड़ा को समझा होता, तो वे इस तरह का गैरजिम्मेदार बयान नहीं देते। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव से जुड़े दीये बनाने के कार्य में आज प्रदेशभर में लगभग दो करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी आजीविका मजबूत हुई है।

विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव के उस बयान से हुई थी जिसमें उन्होंने दीपोत्सव कार्यक्रम के खर्च पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सरकार को दीयों और मोमबत्तियों पर खर्च करने की बजाय क्रिसमस जैसी लाइटिंग पर ध्यान देना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने इस टिप्पणी को भारतीय परंपरा और संस्कृति का अपमान बताया और कहा कि दीपोत्सव न केवल अयोध्या की पहचान है बल्कि यह “रामराज्य” के आदर्शों का प्रतीक भी है। उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।