आईटी पार्क, डिजिटल शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खोल रहा है बिहार
बिहार के आईटी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने कहा कि राज्य में डिजिटल शिक्षा, स्टार्टअप्स और आधारभूत विकास को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राज्य के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने साफ तौर पर कहा कि बिहार के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह से समर्पित हैं और वे एक संयुक्त प्रयास के माध्यम से राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री मंटू ने ये बातें मंगलवार को सासाराम के जिला अतिथि गृह में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है और वह इसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभा रहे हैं, ताकि युवाओं, छात्रों और किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की जाए, जिससे डिजिटल शिक्षा की पहुंच हर छात्र तक हो सके और तकनीकी संसाधनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जा सके। मंत्री मंटू ने कहा कि बिहार की तकनीकी प्रगति अब एक ठोस रूप ले चुकी है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण पटना में बन रहा अत्याधुनिक आईटी पार्क है, जो एक लाख वर्गफुट क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस पार्क में बिहार के नवोन्मेषी स्टार्टअप उद्यमियों को बिना किसी शुल्क के ऑफिस स्पेस दिया जाएगा। यह पहल राज्य में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि पहले जहां गांवों में बिजली पहुंचाना एक सपना जैसा लगता था, वहीं आज बिहार के 99% घरों में बिजली पहुँच चुकी है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस सपने का साकार होना है, जिसमें हर घर में रौशनी होनी चाहिए। अब बिहार न केवल बिजली में आत्मनिर्भर हुआ है, बल्कि सड़कों और अन्य आधारभूत ढांचों के मामले में भी तेज़ी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अब पटना की यात्रा पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और कम समय में पूरी हो जाती है, जो राज्य के बुनियादी विकास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मंगलवार की रात मंत्री मंटू का सासाराम के करमडीहरी मोहल्ले में भव्य स्वागत हुआ, जहां जदयू कार्यकर्ता मिथलेश राउत के आवास पर ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति रही। इस अवसर पर मंत्री ने भोजपुरी भाषा में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सोच की दिशा तय होना ज़रूरी है, क्योंकि जब सोच स्पष्ट होती है तभी काम की प्राथमिकता तय की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि चश्मा और टोपी छह महीने चलते हैं, लेकिन शिक्षा छह सौ साल तक असर छोड़ती है। यही असली ताकत है जो समाज को बदल सकती है।