अयोध्या राम मंदिर निर्माण में तेजी, दिसंबर 2025 तक सभी कार्य पूरे होने की उम्मीद

अयोध्या राम मंदिर निर्माण की समीक्षा बैठक में म्यूरल्स, 3D मूर्तियों, टाइम-लैप्स कैमरा फुटेज और फसाद लाइटिंग को लेकर अहम फैसले लिए गए। दिसंबर 2025 तक कार्य पूर्ण होने की संभावना।

अयोध्या राम मंदिर निर्माण में तेजी, दिसंबर 2025 तक सभी कार्य पूरे होने की उम्मीद

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि लोअर प्लिंथ में लगाए जाने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 अयोध्या पहुँच चुके हैं। हालांकि, 3D मूर्तियों के निर्माण में 15 से 30 दिनों की देरी दर्ज की गई है।

निर्माण स्थल पर लगाए गए टाइम-लैप्स कैमरों की फुटेज को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी घोषित किया गया है। यह फुटेज अब सीबीआरआई रुड़की को शर्तनामा सहित सौंपा जाएगा, जिसका उपयोग डॉक्यूमेंट्री निर्माण और प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इससे मंदिर निर्माण प्रक्रिया को ऐतिहासिक और शैक्षिक दस्तावेज के रूप में संरक्षित किया जा सकेगा।

बैठक में अस्थायी मंदिर स्मारक और शहीदों की स्मृति में लगाए जा रहे ग्रेनाइट पिलर्स पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ट्रस्ट ने मंदिर की पवित्रता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया और स्पष्ट किया कि हर निर्माण कार्य परंपरा और श्रद्धा के अनुरूप ही होगा।

अनुमान लगाया गया है कि अक्टूबर 2025 तक अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो जाएंगे, जबकि दिसंबर 2025 तक शेष सभी कार्य भी पूर्ण कर लिए जाएंगे।

आज सुबह बैठक में फसाद लाइटिंग के तीन अलग-अलग मॉडलों का डेमो भी प्रस्तुत किया गया। इसकी अनुमानित लागत 8 से 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। ट्रस्ट का मानना है कि यह लाइटिंग मंदिर की भव्यता और आस्था को और अधिक प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करेगी।

अयोध्या राम मंदिर का निर्माण कार्य अपनी अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, और ट्रस्ट का लक्ष्य है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरी तरह से संपन्न किया जाए।