भारत की अर्थव्यवस्था में 7.8% की दमदार वृद्धि, सेवा क्षेत्र का पीएमआई 15 साल के उच्च स्तर पर

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8% बढ़ी। अगस्त 2025 में सेवा क्षेत्र का पीएमआई 62.9 पर पहुंचा, जो 15 सालों में सबसे ऊंचा स्तर है।

भारत की अर्थव्यवस्था में 7.8% की दमदार वृद्धि, सेवा क्षेत्र का पीएमआई 15 साल के उच्च स्तर पर

मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों की बदौलत घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। आईसीआरए एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। यह वृद्धि दर पिछले पांच तिमाहियों में सबसे मजबूत मानी जा रही है, जो भारतीय आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता और तेजी दोनों को दर्शाती है।

रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त 2025 में सेवा क्षेत्र का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) बढ़कर 62.9 पर पहुंच गया, जो पिछले 15 वर्षों में इसका सर्वाधिक स्तर है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से नए ऑर्डरों में तीव्र वृद्धि और मजबूत घरेलू मांग के कारण हुई है। आईसीआरए एनालिटिक्स का मानना है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा कर ढांचे को सरल बनाकर दो प्रमुख दरों — 5% और 18% — में बदलने और महंगी कारों, तंबाकू तथा सिगरेट जैसी वस्तुओं के लिए 40% की विशेष स्लैब लागू करने के प्रस्ताव से बाजार भावना को और मजबूती मिली है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सकारात्मक संकेत मिले। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने सितंबर में ब्याज दरों में इस वर्ष की पहली कटौती की, जिसमें श्रम बाजार की हालिया कमजोरी का हवाला दिया गया। इस कदम से वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी आई। हालांकि, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर जारी अनिश्चितता और घरेलू बाजारों से विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी ने भारतीय बाजारों के मुनाफे को सीमित कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड निवेश के मोर्चे पर भी दिलचस्प रुझान सामने आए हैं। सितंबर 2025 तक इक्विटी म्यूचुअल फंड की सभी श्रेणियों ने 3, 5 और 10 वर्ष की अवधि में सकारात्मक औसत रिटर्न दिया है। खासकर स्मॉल कैप फंड ने 5 और 10 वर्ष के दौरान अधिकतम औसत रिटर्न दर्ज किया। इसके विपरीत, लार्ज कैप फंड ने 1 वर्ष की अवधि में लगभग 4.92 प्रतिशत का नकारात्मक औसत रिटर्न दिखाया है।

डेट म्यूचुअल फंड कैटेगरी में भी सकारात्मक रुझान जारी रहे। रिपोर्ट के अनुसार, कम अवधि वाले फंड ने 1 महीने में अधिकतम औसत रिटर्न 18.57 प्रतिशत दिया। वहीं, क्रेडिट रिस्क फंड ने 6 माह, 1 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की अवधि में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर, डेट फंड की सभी श्रेणियों ने 1 से लेकर 10 वर्ष तक की अवधि में सकारात्मक रिटर्न दर्ज किया है।

विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत सेवा क्षेत्र, स्थिर उपभोक्ता मांग, और सुधार की दिशा में बढ़ते आर्थिक संकेतक इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत आने वाले महीनों में भी विकास की मजबूत रफ्तार बनाए रख सकता है।