पटना में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का उद्घाटन, नीतीश कुमार ने कई योजनाओं का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का उद्घाटन कर 700 करोड़ से अधिक की योजनाओं का शुभारंभ किया, जिससे किसानों और पशुपालकों को मिलेगा लाभ।
पटना में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने पशुपालन और मत्स्य संसाधन विभाग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से राज्य के किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।
उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने संजय गांधी डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यशालाओं, प्रयोगशालाओं, विभागाध्यक्ष कक्ष, सम्मेलन कक्ष और स्नातक-परास्नातक ब्लॉक्स का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी की ऊँचाई बढ़ाई जाए। साथ ही नवनिर्मित भवनों पर पर्याप्त सौर पैनल लगाए जाएँ और परिसर में अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए ताकि ऊर्जा आपूर्ति सुचारु रहे और वातावरण हरित व सुंदर बने।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में बने नवनिर्मित पुरुष छात्रावास का भी उद्घाटन किया। उन्होंने भोजनालय और विभिन्न शैक्षणिक ब्लॉक्स का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की योजनाओं से जुड़ी पुस्तिका का विमोचन भी किया। विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया।
गौरतलब है कि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर की गई है। यह विश्वविद्यालय पटना हवाई अड्डे के पास स्थित 224 एकड़ भूमि पर 889.26 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसकी आधारशिला 6 मई 2022 को रखी गई थी। अब तक यहां 13 भवन तैयार हो चुके हैं जिनमें डेयरी इंजीनियरिंग संस्थान, छात्रावास और पशुधन फॉर्म कार्यालय शामिल हैं।
आज मुख्यमंत्री ने पशुपालन क्षेत्र की ₹362.58 करोड़, मत्स्य क्षेत्र की ₹45.52 करोड़ और कॉम्फेड की ₹286.22 करोड़ की परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया।
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही बिहार पशुधन और मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों और पशुपालकों की आय दोगुनी करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ, प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।