पटना की नेत्रहीन छात्राएं बना रहीं हैं खुशबूदार मोमबत्तियाँ, दिवाली पर विदेशों तक पहुंची रौशनी

पटना के अंतर्ज्योति बालिका विद्यालय की नेत्रहीन छात्राएं दिवाली पर रंगीन और खुशबूदार मोमबत्तियाँ बना रही हैं। इन हस्तनिर्मित मोमबत्तियों की मांग अमेरिका और कनाडा तक पहुंच चुकी है।

पटना की नेत्रहीन छात्राएं बना रहीं हैं खुशबूदार मोमबत्तियाँ, दिवाली पर विदेशों तक पहुंची रौशनी

दिवाली के पावन अवसर पर पटना के कुम्हरार स्थित अंतर्ज्योति बालिका विद्यालय की नेत्रहीन छात्राओं ने एक मिसाल पेश की है। ये छात्राएं अपने हाथों से रंग-बिरंगी और खुशबूदार मोमबत्तियाँ बनाकर न केवल रोशनी फैला रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह भी प्रशस्त कर रही हैं।

इन छात्राओं द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित मोमबत्तियों की मांग अब देश की सीमाओं से बाहर निकल चुकी है। इनकी खूबसूरती और सुगंध ने अमेरिका और कनाडा जैसे देशों के खरीदारों को भी आकर्षित किया है।

विद्यालय की वार्डन रेणु कुमारी ने दूरदर्शन से बातचीत में बताया, “नेत्रहीन छात्राओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम पिछले छह वर्षों से चल रहा है। इस पहल का मकसद उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और आत्मविश्वास से भरना है।”

रेणु कुमारी ने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षिकाओं की देखरेख में छात्राएं स्वयं अपने हाथों से आकर्षक, रंगीन और विभिन्न सुगंधों वाली मोमबत्तियाँ तैयार करती हैं। ये मोमबत्तियाँ न केवल पटना और बिहार के स्कूलों में बेची जाती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भेजी जाती हैं।

इन मोमबत्तियों की बिक्री से छात्राओं को आर्थिक लाभ के साथ आत्मसंतोष भी मिलता है। दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान उनकी मेहनत से बनी इन मोमबत्तियों की रौशनी अब सीमाओं को पार कर भारत की सृजनशीलता और नारी सशक्तिकरण की कहानी दुनिया तक पहुंचा रही है।