शाहनवाज़ हुसैन शामिल हुए आपातकाल पर सेमिनार में
आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर औरंगाबाद में भाजपा ने सेमिनार आयोजित किया। शाहनवाज़ हुसैन ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और जनता से सच्चाई फैलाने का आह्वान किया।
कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा औरंगाबाद में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज़ हुसैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की निर्मम हत्या की गई थी। लोगों की आवाज दबा दी गई, विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया और सवाल उठाने वाले सांसदों की सदस्यता तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा रद्द कर दी गई। यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय है।"
उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और जनता से आग्रह किया कि वे आपातकाल के समय हुए अत्याचारों और लोकतंत्र पर हमले की सच्चाई जनता तक पहुँचाएं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार आज प्रगति के पथ पर है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब जंगलराज के भय से लोग शाम के समय घर से निकलने में डरते थे। उन्होंने कहा कि आपातकाल और जंगलराज लाने वाली पार्टियों को जनता को पहचानना होगा और आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें करारा जवाब देना होगा।
"इस बार कोई गलती न हो, हमें एकजुट होकर विपक्ष को हर मोर्चे पर जवाब देना है," उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने भी विचार व्यक्त किए और कांग्रेस के कार्यकाल में लोकतंत्र पर हुए हमलों की निंदा की।