कौन हैं सुनेत्रा पवार, जो बारामती सीट पर सुप्रिया सुले पर कर सकती हैं सियासी प्रहार? जानिए

Lok Sabha Election 2024: आगामी लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र के बारामती में दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है. यहां चुनाव में पवार परिवार के बीच आमने-सामने की टक्कर होने की पूरी संभावना है. शुक्रवार (16 फरवरी) को उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष अजीत पवार ने फर्स्ट टाइम वोटर्स से भावनात्क अपील की. अजित पवार के भाषण के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ बारामती सीट से उतार सकते हैं. इसके लिए सुनेत्रा पवार ने क्षेत्र में प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है. कथित तौर पर अजीत पवार बारामती में सुनेत्रा पवार के काम का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहे हैं. उनकी तस्वीर वाला एक प्रचार वाहन क्षेत्र में घूम रहा है.   कौन हैं सुनेत्रा पवार?अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार एक राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके भाई पदमसिंह पाटिल एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और पूर्व मंत्री हैं. सुनेत्रा और अजित पवार के दो बेटे हैं, जिनका नाम जय और पार्थ पवार है. डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जहां जय पारिवारिक कारोबार संभालते हैं, वहीं राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले पार्थ मावल सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए थे. विद्या प्रतिष्ठान में ट्रस्टी हैं सुनेत्रासुनेत्रा पवार बारामती में अपने सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं. उनकी आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक सुनेत्रा पवार 2010 में स्थापित एक गैर सरकारी संगठन एनवायर्नमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की संस्थापक हैं. इसके अलावा वह प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान विद्या प्रतिष्ठान में ट्रस्टी भी हैं. वेबसाइट के अनुसार सुनेत्रा पवार 2011 से फ्रांस में वर्ल्ड एंटर्रेन्योरशिप की थिंक टैंक सदस्य रही हैं. बारामती निर्वाचन क्षेत्र और पवार परिवारबारामती पवार परिवार का गढ़ रहा है. शरद पवार ने 1967, 1972, 1978, 1980, 1985 और 1990 में बारामती सीट से महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव और 1984, 1996, 1998, 1999 और 2004 में बारामती से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. वहीं, 2009 से सुप्रिया सुले इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. अजीत पवार ने भी 1991 में बारामती से लोकसभा चुनाव जीता था. इसके बाद वह 1991, 1995, 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 में सात बार विधानसभा पहुंचे. यह भी पढ़ें- जिस सीट पर बिगड़ी दोनों की बात, जयंत चौधरी के खिलाफ उस सीट पर ये क्या बोल गए अखिलेश यादव के उम्मीदवार

कौन हैं सुनेत्रा पवार, जो बारामती सीट पर सुप्रिया सुले पर कर सकती हैं सियासी प्रहार? जानिए

Lok Sabha Election 2024: आगामी लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र के बारामती में दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है. यहां चुनाव में पवार परिवार के बीच आमने-सामने की टक्कर होने की पूरी संभावना है. शुक्रवार (16 फरवरी) को उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष अजीत पवार ने फर्स्ट टाइम वोटर्स से भावनात्क अपील की.

अजित पवार के भाषण के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ बारामती सीट से उतार सकते हैं. इसके लिए सुनेत्रा पवार ने क्षेत्र में प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है. कथित तौर पर अजीत पवार बारामती में सुनेत्रा पवार के काम का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहे हैं. उनकी तस्वीर वाला एक प्रचार वाहन क्षेत्र में घूम रहा है.  

कौन हैं सुनेत्रा पवार?
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार एक राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके भाई पदमसिंह पाटिल एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और पूर्व मंत्री हैं. सुनेत्रा और अजित पवार के दो बेटे हैं, जिनका नाम जय और पार्थ पवार है. डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जहां जय पारिवारिक कारोबार संभालते हैं, वहीं राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले पार्थ मावल सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए थे.
 
विद्या प्रतिष्ठान में ट्रस्टी हैं सुनेत्रा
सुनेत्रा पवार बारामती में अपने सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं. उनकी आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक सुनेत्रा पवार 2010 में स्थापित एक गैर सरकारी संगठन एनवायर्नमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की संस्थापक हैं. इसके अलावा वह प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान विद्या प्रतिष्ठान में ट्रस्टी भी हैं. वेबसाइट के अनुसार सुनेत्रा पवार 2011 से फ्रांस में वर्ल्ड एंटर्रेन्योरशिप की थिंक टैंक सदस्य रही हैं.

बारामती निर्वाचन क्षेत्र और पवार परिवार
बारामती पवार परिवार का गढ़ रहा है. शरद पवार ने 1967, 1972, 1978, 1980, 1985 और 1990 में बारामती सीट से महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव और 1984, 1996, 1998, 1999 और 2004 में बारामती से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. वहीं, 2009 से सुप्रिया सुले इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.

अजीत पवार ने भी 1991 में बारामती से लोकसभा चुनाव जीता था. इसके बाद वह 1991, 1995, 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 में सात बार विधानसभा पहुंचे.