डिजिटल इंडिया जन आंदोलन बना, भारत बना वैश्विक नवाचार भागीदार: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया एक जन आंदोलन बन चुका है और भारत वैश्विक डिजिटल नेतृत्व और नवाचार का केंद्र बनकर उभरा है।

डिजिटल इंडिया जन आंदोलन बना, भारत बना वैश्विक नवाचार भागीदार: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि डिजिटल इंडिया अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में तथा भारत को दुनिया के लिए विश्वसनीय नवाचार भागीदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिखे एक ब्लॉग में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब डिजिटल गवर्नेंस से आगे बढ़कर वैश्विक डिजिटल नेतृत्व की ओर अग्रसर हो रहा है।

उन्होंने बताया कि देश में 42 लाख किलोमीटर से अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है, जिससे सुदूरवर्ती गांवों को भी जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत में 5G नेटवर्क का विस्तार दुनिया में सबसे तेज़ हुआ है—सिर्फ दो वर्षों में 4 करोड़ 81 लाख 5G बेस स्टेशन लगाए गए हैं।

हाई-स्पीड इंटरनेट अब सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह गलवान, सियाचिन, और लद्दाख जैसी अग्रिम सैन्य चौकियों तक भी पहुंच चुका है।

प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की वैश्विक सराहना का जिक्र करते हुए कहा कि आधार, कोविन, डिजीलॉकर, फास्टैग, पीएम वाणी, और वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन जैसे प्लेटफॉर्म दुनिया भर में अपनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोविन प्लेटफॉर्म ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को संभव बनाया, जिसके तहत 220 करोड़ से अधिक क्यूआर सत्यापित प्रमाणपत्र जारी किए गए। डिजीलॉकर अब 54 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को सेवा दे रहा है और इसमें 775 करोड़ से ज्यादा दस्तावेज स्टोर हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब 1 करोड़ 80 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स के साथ दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को बढ़ावा दे रहा है और इससे जुड़े नवाचारों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

अंत में उन्होंने आशा जताई कि आगामी दशक और भी अधिक परिवर्तनकारी और नवाचारी होगा।