एनडीए ने की आतंक के खिलाफ सेना की कार्रवाई की सराहना, मोदी की भूमिका को बताया ऐतिहासिक

एनडीए संसदीय दल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ऑपरेशन महादेव' में सेना के साहस की सराहना की और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को कठिन समय में निर्णायक बताया।

एनडीए ने की आतंक के खिलाफ सेना की कार्रवाई की सराहना, मोदी की भूमिका को बताया ऐतिहासिक

मंगलवार को संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठक हुई। बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस और अटूट प्रतिबद्धता को सलाम किया गया।

प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय सैनिकों ने इन अभियानों में अदम्य साहस का प्रदर्शन किया, जो भारत की सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। इसके साथ ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना और श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा

प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के असाधारण नेतृत्व की सराहना की गई। एनडीए ने कहा कि मोदी ने कठिन समय में देश को दृढ़ संकल्प और स्पष्ट दिशा दी। उनके नेतृत्व ने एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत किया।

प्रधानमंत्री के उस संकल्प को भी दोहराया गया जिसमें उन्होंने कहा था, "भारत हर आतंकवादी और उसके समर्थकों को खोजेगा और दंडित करेगा।"

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की निर्णायक कार्रवाई

6-7 मई की रात भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। यह एक सटीक और लक्षित सैन्य कार्रवाई थी, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया गया। यह जवाब बिना किसी उकसावे के, लेकिन निर्णायक और प्रभावशाली था।

एनडीए ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति का प्रतीक भी है। जिन महिलाओं के सिंदूर को आतंकियों ने मिटाने की कोशिश की, उसका बदला भारत ने इसी नाम से कार्रवाई करके लिया।

2014 के बाद सुरक्षा रणनीति में बदलाव

एनडीए प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि 2014 से पहले देश में अक्सर बम धमाकों की घटनाएं होती थीं, लेकिन अब इस पर सख्ती से नियंत्रण हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि भारत की सुरक्षा नीति और सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव आया है।