डिजिटल इंडिया में नई उपलब्धि: सीएससी और पिरामल फाइनेंस ने ₹3,000 करोड़ से अधिक का लोन वितरित किया
सीएससी ई-गवर्नेंस और पिरामल फाइनेंस ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अब तक ₹3,000 करोड़ से अधिक का लोन वितरित किया, जिससे 70,000 ग्रामीण और छोटे उद्यमियों को लाभ मिला।
डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को गति देते हुए सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (CSC SPV) ने पिरामल फाइनेंस के साथ साझेदारी में अब तक ₹3,000 करोड़ से अधिक का लोन वितरित किया है। इस पहल का लाभ करीब 70,000 लोगों तक पहुँचा है, जिनमें पहली बार लोन लेने वाले, छोटे उद्यमी और बैंकिंग सेवाओं से दूर रहने वाले लोग शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में ₹86 करोड़, 2024-25 में ₹1,631 करोड़ और 2025-26 (अगस्त तक) में ₹1,300 करोड़ का लोन दिया गया। इस तेज़ प्रगति से ग्रामीण परिवारों और छोटे कारोबारों को मजबूती मिली है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में रफ्तार आई है और उद्यमिता को बढ़ावा मिला है।
सीएससी के 5.8 लाख से अधिक ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) के नेटवर्क और पिरामल फाइनेंस की भागीदारी से यह लोन दूरदराज़ क्षेत्रों तक सस्ती दरों पर पहुँचा। इससे ग्रामीण समुदाय महंगे और शोषणकारी साहूकारों पर निर्भर रहने से मुक्त हुए हैं।
सीएससी एसपीवी के एमडी और सीईओ संजय कुमार राकेश ने कहा कि यह उपलब्धि डिजिटल रूप से सशक्त समाज के निर्माण का प्रतीक है। वहीं पिरामल फाइनेंस के चीफ बिज़नेस ऑफिसर जगदीप मल्लारेड्डी ने कहा कि ₹3,000 करोड़ का आंकड़ा ग्रामीण भारत के भरोसे और वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सीएससी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एक विशेष उद्देश्य कंपनी है, जो 5.8 लाख से अधिक VLEs के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी और वित्तीय सेवाएं पहुँचाती है। वहीं पिरामल फाइनेंस, नेशनल हाउसिंग बैंक से रजिस्टर्ड हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है, जो किफायती हाउसिंग लोन, MSME फाइनेंसिंग और क्रेडिट मॉडल्स के जरिए छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के आर्थिक विकास पर केंद्रित है।
यह साझेदारी ग्रामीण भारत के लिए आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराने और डिजिटल इंडिया व आत्मनिर्भर भारत के विज़न को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।