झुंझुनू में किसानों को 3200 करोड़ की क्लेम राशि, शिवराज सिंह चौहान हुए भावुक

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत झुंझुनू में 30 लाख किसानों को 3200 करोड़ की क्लेम राशि वितरित, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की सेवा को भगवान की पूजा बताया।

झुंझुनू में किसानों को 3200 करोड़ की क्लेम राशि, शिवराज सिंह चौहान हुए भावुक

राजस्थान के झुंझुनू जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत देशभर के 30 लाख से अधिक किसानों के खातों में करीब 3200 करोड़ रुपये की क्लेम राशि सीधे ट्रांसफर की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें किसानों की सेवा का अवसर दिया है और यह सेवा उनके लिए भगवान की पूजा के समान है। उन्होंने दोहराया कि भारत की कृषि और किसानों को दुनिया में नंबर वन बनाने का संकल्प हमारी सरकार का है।

शिवराज सिंह चौहान ने झुंझुनू की धरती पर यह वचन भी दिया कि यहां उन्हें जो पगड़ी पहनाई गई है, उसका मान वे हर हाल में रखेंगे। उन्होंने कहा—"पगड़ी का मान, किसानों का सम्मान और झुंझुनू की शान को कभी आंच नहीं आने देंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जिंदगी का मिशन किसानों की सेवा करना है।

नकली सामान बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हाल ही में 30 हजार दवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, जो बिना प्रमाणिकता के बेची जा रही थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि खाद या अन्य वस्तुओं के साथ किसानों को जबरन दवाएं बेचने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ कड़ा कानून लाने की तैयारी है।

कृषि वैज्ञानिक अब खेतों में करेंगे काम

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक अद्भुत, समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण हो रहा है। कृषि मंत्रालय के 16 हजार कृषि वैज्ञानिक अब केवल लैब में नहीं बैठेंगे, बल्कि खेतों में जाकर किसानों की समस्याएं जानेंगे और उनके समाधान के लिए शोध करेंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान

कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को बड़ी राहत मिली है। हमारी सरकार की प्राथमिकता किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि अब तक किसानों को अन्नदाता माना जाता था, लेकिन राजस्थान में उन्हें ‘ऊर्जादाता’ के रूप में भी मजबूत किया जाएगा। किसान फसल के साथ-साथ सोलर प्लांट के जरिए बिजली भी पैदा करेंगे, जिसे वे खुद उपयोग कर सकेंगे और सरकार को भी बेच सकेंगे। इसके लिए योजना तैयार है और किसानों को दिन में बिजली देने का वादा भी पूरा किया जाएगा।