ग्राम सभाओं की बैठकों में जलवायु परिवर्तन संबंधी मुद्दों पर करें चर्चा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए है

ग्राम सभाओं की बैठकों में जलवायु परिवर्तन संबंधी मुद्दों पर करें चर्चा

15 अगस्त से करें शुरूआत
पंचायत मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने दिए निर्देश

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए है कि स्वतंत्रता दिवस को होने वाली ग्राम सभा की अनिवार्य बैठक में इस बार जलवायु परिवर्तन संबंधी मुद्दों पर आवश्यक चर्चा करवायें।

सभी ग्राम सभाएं जलवायु परिवर्तन के खतरों से बचने के लिए प्रस्ताव पारित करें और जलवायु साक्षरता बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर काम करने का संकल्प लें। श्री पटेल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरे अब साफ दिखाई देने लगे हैं। असमय वर्षा होती है। गर्मी बहुत तेज पड़ती है। ठंड के दिनों में गर्मी लगने लगती है। फल सही समय पर नहीं पकते। फूल सही समय पर नहीं खिलते नहीं। वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड जीरो स्तर पर कैसे लाया जाए जो जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। जलवायु परिवर्तन से मानव स्वास्थ्य भी खतरे में है। प्राकृतिक संसाधनों का संयमित उपयोग कैसे किया जाए इस पर भी चर्चा निचले स्तर पर होना चाहिए।

पंचायत मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्थानीय स्तर पर बोली जा रही बोलियों, भाषाओं में जलवायु विज्ञान और जलवायु के बर्ताव के प्रति गांवों के लोगों की समझ बढाना जरूरी हो गया है। पंचायत मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पौधे लगाने उन्हें बचाने उन्हें पूरा वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी को बहुत ही मिशन मोड में पूरा करने की आवश्यकता है। इसी प्रकार नदियों के जन्म स्थान को भी हरा भरा बनाने की आवश्यकता है ताकि उनका प्रवाह साल भर चला रहे। उन्होंने कहा कि जिन पंचायत के कार्य क्षेत्र में नदियों का उद्गम स्थल है उन्हें ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। इस बार ग्राम सभाओं में नदियों के उद्गम स्थलों को जीवित रखने के संबंध में भी विचार होना चाहिए।