लॉर्ड रामी रेंजर ने सराहा पीएम मोदी का नेतृत्व, भारत-ब्रिटेन समझौते को बताया गेमचेंजर

प्रधानमंत्री मोदी के ब्रिटेन दौरे पर ब्रिटिश भारतीय समुदाय में उत्साह, लॉर्ड रामी रेंजर ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को बताया ‘जीत की स्थिति’। व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा।

लॉर्ड रामी रेंजर ने सराहा पीएम मोदी का नेतृत्व, भारत-ब्रिटेन समझौते को बताया गेमचेंजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय ब्रिटेन दौरे से वहां का प्रवासी भारतीय समुदाय बेहद उत्साहित है। इस बीच ब्रिटिश संसद के उच्च सदन के सदस्य और भारतीय मूल के उद्योगपति लॉर्ड रामी रेंजर ने पीएम मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को दोनों देशों के लिए एक “जीत की स्थिति” करार दिया है।

न्यूज़ एजेंसी से विशेष बातचीत में 78 वर्षीय रेंजर ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा जब प्रधानमंत्री मोदी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करेंगे। यह उनकी दूरदृष्टि और कुशल नेतृत्व का परिणाम है। पिछले दस वर्षों में भारत में ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों से जबरदस्त प्रगति हुई है। इस समझौते के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी होगा, जिससे भारत ही नहीं, ब्रिटेन समेत कई देशों को लाभ होगा।”

रेंजर ने कहा कि इस व्यापार समझौते से दोनों देशों के बाजारों में स्थिरता आएगी और व्यापारियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने जोर दिया कि भारत से जुड़ने से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी और वैश्विक स्तर पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के आमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर हैं। यह उनकी प्रधानमंत्री बनने के बाद ब्रिटेन की चौथी यात्रा है। इस दौरान वे न केवल स्टार्मर से भेंट करेंगे बल्कि राजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे।

इससे पहले मई महीने में पीएम मोदी और स्टार्मर ने भारत-ब्रिटेन एफटीए के सफल समापन की घोषणा की थी। इस समझौते से 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस समझौते के तहत ब्रिटेन को 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क मिलेगा, जिससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।

फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसाइटी इंटरनेशनल (FISI) ब्रिटेन के जयु शाह ने कहा, “हम पीएम मोदी का पूरे उत्साह के साथ स्वागत करेंगे। यह व्यापार समझौता बीते 20 वर्षों से अटका हुआ था, लेकिन मोदीजी ने इसे साकार कर दिखाया। भारत आज ‘विश्व गुरु’ बनने की दिशा में अग्रसर है और हर देश को भारत जैसे साझेदार की आवश्यकता है।”

यह यात्रा भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है।