गंगा की सहायक हरुहर नदी उफान पर, शेखपुरा जिले के 25 गांव जलमग्न, प्रशासन कर रहा राहत कार्य
शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड में हरुहर नदी के उफान से 25 गांव जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों की परेशानी बढ़ने पर प्रशासन ने पशुपालकों के लिए सूखे चारे की व्यवस्था शुरू की।
शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड में बहने वाली गंगा की सहायक नदी हरुहर इन दिनों उफान पर है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से प्रखंड के करीब 25 गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। इससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
गांवों की गलियों और घरों तक पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही कठिन हो गई है। सबसे अधिक परेशानी पशुपालक किसानों को हो रही है, क्योंकि बाढ़ के पानी में उनके मवेशियों के लिए हरे चारे और भोजन की भारी कमी हो गई है।
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पशुपालन विभाग प्रभावित किसानों को सूखा चारा उपलब्ध करा रहा है।
जिला पशुपालन पदाधिकारी राजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि अब तक प्रखंड के लगभग 15 गांवों में किसानों के बीच सूखा चारा वितरित किया जा चुका है। उनके अनुसार बड़े जानवरों के लिए प्रतिदिन 6 किलो, छोटे जानवरों के लिए 3 किलो और बकरियों के लिए 1 किलो चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग के कर्मचारी रोज़ाना अलग-अलग गांवों में पहुंचकर किसानों को चारा वितरित कर रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को किसी तरह की कठिनाई न झेलनी पड़े।