किसानों को बड़ी राहत: पीएम फसल बीमा योजना में जंगली जानवरों और बाढ़ से फसल नुकसान भी शामिल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि पीएम फसल बीमा योजना में अब जंगली जानवरों और अत्यधिक बारिश से होने वाले फसल नुकसान को भी शामिल किया जाएगा। यह प्रावधान खरीफ 2026 से लागू होगा।

किसानों को बड़ी राहत: पीएम फसल बीमा योजना में जंगली जानवरों और बाढ़ से फसल नुकसान भी शामिल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को किसानों के लिए एक बड़ी और लंबे समय से प्रतीक्षित घोषणा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में अब दो प्रमुख प्रकार के नुकसान भी शामिल कर दिए गए हैं, जिनकी किसान वर्षों से मांग कर रहे थे। पहला, जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाया जाने वाला नुकसान और दूसरा, अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़ या जलभराव से होने वाली फसल की बर्बादी। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि अब यदि जंगली जानवर खेतों में घुसकर फसल चौपट करते हैं, तो किसानों को उसका मुआवजा मिलेगा। इसी तरह अगर भारी बारिश से खेतों में पानी भर जाता है और फसलें नष्ट हो जाती हैं, तो वह भी बीमा कवरेज का हिस्सा बनेगा। इस फैसले से देशभर के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने यह भी बताया कि देश ने 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन का एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्थापित किया है। कुल खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन में 106 मिलियन टन की वृद्धि दर्ज की गई है, जो किसानों की मेहनत, आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्तेमाल और केंद्र सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम है। तिलहन और दलहन उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहां तिलहन उत्पादन 42.989 मिलियन टन और दलहन उत्पादन 25.683 मिलियन टन तक पहुंच गया है। चना, मूंग, सोयाबीन और मूंगफली जैसी प्रमुख फसलों में उत्पादन में यह बढ़ोतरी सरकार के आयलसीड मिशन और पल्स सेल्फ-रिलायंस मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताई जा रही है। साथ ही तूर, उड़द, चना और मूंग की एमएसपी पर सरकार द्वारा गारंटीशुदा खरीद ने किसानों को बाजार में सुरक्षा और स्थिरता प्रदान की है।

नई व्यवस्था के तहत जंगली जानवरों की सूची और प्रभावित जिलों की पहचान राज्य सरकारों द्वारा की जाएगी। किसानों को फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर फसल बीमा ऐप पर जियो-टैग की गई तस्वीरों के साथ अपलोड करनी होगी। यह विस्तारित कवरेज खरीफ 2026 सीजन से लागू होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत देश की आत्मनिर्भरता और विकास की आधारशिला है और सरकार उनका संरक्षण और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।